आदिवासी वीर
बुधवार, २९ जून, २०२२
अंग्रजों खिलाफ आजादी की पहली लडाई और जल, जंगल, जमीन की हिफाजत के लिए आदिवासी विरों ने दे दी अपनी कुर्बानी
›
अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की पहली लड़ाई के रूप में मनाया जाता है हूल क्रांति दिवस 30 जून को मनाया जाता है। इसे संथाल विद्रोह भी कहा जाता ...
30 जून (संताल हुल) दिवस पर विशेष...
›
अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ विद्रोह की जब चर्चा होती है, तो विद्रोह की पहली लड़ाई 1769 में झारखंड के रघुनाथ महतो के नेतृत्व में ‘चुहाड़ विद्रोह’...
गुरुवार, १४ एप्रिल, २०२२
निमाड़ क्षेत्र के आदिवासी वीर खाज्या नायक
›
क्राँतिकारी - खाज्या नायक निमाड़ क्षेत्र के सांगली ग्राम निवासी गुमान नायक के पुत्र थे जो सन् 1833 में पिता गुमान नायक की मृत्यु के बाद सेंधव...
रविवार, ३० जानेवारी, २०२२
तिलका मांझी वो शूरवीर स्वतंत्रता सेनानी जिसे हमारी इतिहास की किताबों में जगह नहीं दी गई
›
1857, मंगल पांडे की बैरकपुर में उठी हुंकार के साथ ही देशभर में क्रांति की आग फैल गई। 1857 को अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ पहला विद्रोह कहा जाता है।...
1857 का वो योद्धा जिसकी बहादुरी को देख अंग्रेज़ों ने उन्हें 'इंडियन रॉबिन हुड' नाम दिया था
›
भारतीय इतिहास में एक से बढ़कर एक योद्धा हुए हैं। देश की ख़ातिर इन क्रांतिकारियों ने अपने प्राण तक न्योछावर कर दिये। 1857 की क्रांति से पहले से...
गुरुवार, १३ जानेवारी, २०२२
बांसवाड़ा के संस्थापक राजा बांसिया भील
›
बांसवाड़ा के संस्थापक राजा बांसिया भील भील राजा बिया (बापड़ा) चरपोटा ने चित्तौड़गढ़ और मल्हारगढ़, धारगढ़ राजधानियों पर राज किया. उनके 2 पुत्र अम...
रविवार, २४ ऑक्टोबर, २०२१
दोन पायाचा वाघ ; सतू रामजी मराडे
›
पुणे येथील खेड तालुक्यातील भामाळ व भोरगिरी या सह्याद्रीच्या डोंगराच्या सीमेवर ‘पाब’ या गावी श्री रामजी मराडे यांच्या पोटी सत्तू मराडे चा जन्...
›
मुख्यपृष्ठ
वेब आवृत्ती पहा